India Travel Tales

Photo Essay

हौजखास परिसर दिल्ली
हौजखास परिसर दिल्ली

हौजखास परिसर दिल्ली

हौजखास परिसर में खड़े हुए मंडपों का क्या उपयोग रहा होगा, इसका सिर्फ़ अनुमान लगाया जाता है। जिन खंभों के सहारे गुम्बद टिकाई गयी है, उनकी निर्माण शैली, उपयोग की गयी निर्माण सामग्री गुम्बद से बिल्कुल अलग है जो कई प्रश्नचिह्न खड़े करती है।

मंगल महादेव मन्दिर

एयरोसिटी के बाद एक्ज़िट 2 से मैने हाइवे छोड़ कर कार सर्विस रोड पर उतार दी जो शिवाजी मार्ग कहलाती है। हाइवे के साथ – साथ मुश्किल से आधा मिनट की ड्राइव के बाद ही एवेन्यू बोगेनवेलिया तथा “मंगल महादेव मंदिर” मेरे बाईं ओर मौजूद थे। जी हां, पास जाकर जब मंदिर के बाहर लगा हुआ बोर्ड पढ़ा तो उस पर मंदिर का सही नाम – मंगल महादेव मंदिर, रंगपुरी, दिल्ली लिखा हुआ नज़र आया।

जयपुर भ्रमण: हवा महल
जयपुर भ्रमण: हवा महल

जयपुर भ्रमण: हवा महल

सिटी पैलेस और हवामहल एक भूमिगत मार्ग से जुड़े हुए हैं जो सिटी पैलेस में रहने वाली रानियों के उपयोग में आता था। हवा महल का प्रवेश द्वार भी सिटी पैलेस के अन्तःपुर की ओर से ही है। सच कहें तो हम सड़क से हवा महल का जो दृश्य देखते हैं वह हवा महल का पृष्ठ भाग है।

गोदावरी तट नाशिक : पंचवटी धाम
गोदावरी तट नाशिक : पंचवटी धाम

गोदावरी तट नाशिक : पंचवटी धाम

भगवान राम, सीता और लक्ष्मण ने वनवास का अधिकतम समय गोदावरी के तट पर पांच वटवृक्षों की छाया तले पर्णकुटी बना कर व्यतीत किया था।

काश्मीर का नगीना : डल झील
काश्मीर का नगीना : डल झील

काश्मीर का नगीना : डल झील

डल झील स्वयं में काश्मीर का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण है और इसके चारों ओर विश्वप्रसिद्ध बाग, दरगाह, मंदिर, होटल व शोरूम मौजूद हैं।

रामोजी फिल्म सिटी – एक अविस्मरणीय अनुभव
रामोजी फिल्म सिटी – एक अविस्मरणीय अनुभव

रामोजी फिल्म सिटी – एक अविस्मरणीय अनुभव

यदि आप रात को रामोजी फिल्म सिटी (Ramoji Film City) में अपने लिये उपयुक्त बजट के होटल में रुके हैं तो शूटिंग देखने व फिल्म कलाकारों से मिलने की भी बहुत संभावना है।

रामोजी फिल्म सिटी टूर – चित्रावली
रामोजी फिल्म सिटी टूर – चित्रावली

रामोजी फिल्म सिटी टूर – चित्रावली

यहां से बाहर निकलते ही रेलवे स्टेशन के दर्शन हुए ! सुना है कि ’जा सिमरन, जा ! जी ले तू भी अपनी ज़िन्दगी ’ दृश्य ( दिल वाले दुल्हनियां ले जायेंगे) का क्लाइमेक्स सीन इसी प्लेटफ़ार्म पर फ़िल्माया गया था।

हमारी हैदराबाद यात्रा का दूसरा दिन – सालारजंग म्यूज़ियम
हमारी हैदराबाद यात्रा का दूसरा दिन – सालारजंग म्यूज़ियम

हमारी हैदराबाद यात्रा का दूसरा दिन – सालारजंग म्यूज़ियम

जिन कलाकृतियों ने मुझे दीवाना बना दिया था वह या तो हाथीदांत की कलाकृतियां थीं या फिर आदमकद मूर्तियां थीं। न जाने अब उन जैसे कलाकार इस धरती पर मौजूद हैं या नहीं जो सिर्फ कलाकृति ही नहीं बनाते, बल्कि अपना दिल ही उड़ेल कर रख देते हैं।

हमारी हैदराबाद यात्रा का दूसरा दिन – चारमीनार की सैर

इस श्रंखला की सारी कड़ियां इस प्रकार हैं – हमारी हैदराबाद – महाराष्ट्र तीर्थ यात्रा – पहला दिन श्री शैलम में मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के दर्शन हमारी हैदराबाद – महाराष्ट्र यात्रा – चारमीनार की सैर हमारी हैदराबाद यात्रा – सालारजंग म्यूज़ियम…

हमारी हैदराबाद – महाराष्ट्र यात्रा – मल्लिकार्जुन दर्शन
हमारी हैदराबाद – महाराष्ट्र यात्रा – मल्लिकार्जुन दर्शन

हमारी हैदराबाद – महाराष्ट्र यात्रा – मल्लिकार्जुन दर्शन

हैदराबाद से आंध्रप्रदेश श्री शैलम मल्लिकार्जुन भ्रमरम्बा शक्तिपीठ की हमारी जनवरी 2020 की 9 दिवसीय पारिवारिक तीर्थयात्रा अविस्मरणीय रही है।