India Travel Tales

Himalayas

क्या पढ़ना चाहेंगे आप?

प्रिय मित्रों, आपकी सुविधा के लिये मैं यहां मेन्यू कार्ड यानि Table of Contents दे रहा हूं जिससे आपको एक निगाह में पता चल जाये कि यहां क्या – क्या उपलब्ध है! आप जो भी ऑर्डर करना चाहें (यानि पढ़ना…

कार से अकेले उत्तराखंड यात्रा : 2
कार से अकेले उत्तराखंड यात्रा : 2

कार से अकेले उत्तराखंड यात्रा : 2

हर दो कदम पर हमारी राह में लाल रंग के फूल बिखरे हुए हैं ! बोले तो – रेड कार्पेट वेल्कम किया जा रहा है! ये लाल रंग के फ़ूल बुरांश के हैं जिसे अंग्रेज़ी में Rhododendron कहते हैं! जब तक ये पेड़ पर रहते हैं, उनकी शोभा में चार चांद लगाते रहते हैं! जब इनकी पंखुड़ियां नीचे सड़क पर बिखरती हैं तो red carpet welcome का दृश्य साकार करने लगती हैं ! यदि आप इन फूलों को एकत्र करके पानी में उबाल लें और चीनी मिला लें तो बुरांश का शर्बत बन जाता है! आप ये concentrate कांच की शीशियों में भर कर रख लेते हैं और dilute करके खुद भी पीते रहते हैं और अपने मेहमानों को भी पिलाते रह सकते हैं!

कार से अकेले उत्तराखंड यात्रा
कार से अकेले उत्तराखंड यात्रा

कार से अकेले उत्तराखंड यात्रा

चंबा से कानाताल कैम्प सिर्फ़ 12 किलोमीटर की दूरी पर ही है! मेरी अब तक कुल यात्रा 300 किमी से अधिक हो चुकी है। चंबा तक आते हुए रास्ते में जहां भी मुझे फ़ोटो लेने लायक दृश्य दिखाई दिये तो मैं बार – बार सड़क के किनारे कार रोकता रहा और फ़ोटो क्लिक करता रहा हूं। इस चक्कर में मुझे अपनी इस यात्रा में आवश्यकता से अधिक समय भी लग रहा है! पर जब घुमक्कड़ी ही यात्रा का उद्देश्य हो तो गति के बजाय आनन्द पर फ़ोकस करना चाहिये! है ना?

नैनीताल – नैनी झील में बोटिंग
नैनीताल – नैनी झील में बोटिंग

नैनीताल – नैनी झील में बोटिंग

यात्रा सहारनपुर से नैनीताल की  काठगोदाम से भीमताल होते हुए नैनीताल नैनीताल – एक अलसाई हुई सुबह  नैनी झील में बोटिंग, चिड़ियाघर, तल्लीताल, चांदनी चौक पिछले पोस्ट  – “नैनीताल की अलसाई एक सुबह” में  मैं आपको बता रहा था कि…

नैनीताल की एक अलसाई सुबह
नैनीताल की एक अलसाई सुबह

नैनीताल की एक अलसाई सुबह

नयना देवी का प्राचीन मंदिर नैनी झील के मल्लीताल वाले तट पर है। नयना देवी नैनीताल की अधिष्ठात्री देवी हैं। प्रातः उठ कर झील के किनारे इस मंदिर में दर्शन करने का सुख अनुभव ही किया जा सकता है, बताया नहीं जा सकता।

दार्जिलिंग भ्रमण
दार्जिलिंग भ्रमण

दार्जिलिंग भ्रमण

सुबह 3 बजे अलार्म ने हमें जगा दिया और सर्दी के बावजूद हम तैयार होकर टाइगर हिल सूर्योदय के दर्शन हेतु पहुंचे। वापसी में घूम मोनास्ट्री और बतासिया लूप पर आश्चर्य जनक बाज़ार और वार मैमोरियल देखा।

होटल सैंट्रल हेरिटेज दार्जिलिंग
होटल सैंट्रल हेरिटेज दार्जिलिंग

होटल सैंट्रल हेरिटेज दार्जिलिंग

1. उत्तर पूर्व की हमारी अद्‍भुत यात्रा 2. दिल्ली – मिरिक होते हुए दार्जिलिंग 3. दार्जिलिंग भ्रमण 4. दार्जिलिंग से कलिम्पोंग, नामची – चारधाम 5. गंगटोक 6. शिलौंग – चेरापूंजी 7. गुवाहाटी – कामाख्या देवी दर्शन – दिल्ली वापसी अपनी…

दिल्ली एयरपोर्ट – बागडोगरा – मिरिक होते हुए दार्जिलिंग यात्रा
दिल्ली एयरपोर्ट – बागडोगरा – मिरिक होते हुए दार्जिलिंग यात्रा

दिल्ली एयरपोर्ट – बागडोगरा – मिरिक होते हुए दार्जिलिंग यात्रा

1. उत्तर पूर्व की हमारी अद्‍भुत यात्रा2. दिल्ली – मिरिक होते हुए दार्जिलिंग3. दार्जिलिंग भ्रमण4. दार्जिलिंग से कलिम्पोंग, नामची – चारधाम5. गंगटोक6. शिलौंग – चेरापूंजी7. गुवाहाटी – कामाख्या देवी दर्शन – दिल्ली वापसी नमस्कार मित्रों, पिछली पोस्ट में आपने पढ़ा…

उत्तर पूर्व की हमारी अद्‌भुत यात्रा
उत्तर पूर्व की हमारी अद्‌भुत यात्रा

उत्तर पूर्व की हमारी अद्‌भुत यात्रा

उत्तर पूर्व के चार राज्यों – पश्चिम बंगाल, सिक्किम, मेघालय और आसाम की यात्रा की मधुर स्मृतियां आपके साथ बांट रहा हूं इस उम्मीद में कि आप भी हमारे देश के उत्तर पूर्वी भाग में जाने का कार्यक्रम बना सकें।