India Travel Tales

Delhi

हौजखास परिसर दिल्ली
हौजखास परिसर दिल्ली

हौजखास परिसर दिल्ली

हौजखास परिसर में खड़े हुए मंडपों का क्या उपयोग रहा होगा, इसका सिर्फ़ अनुमान लगाया जाता है। जिन खंभों के सहारे गुम्बद टिकाई गयी है, उनकी निर्माण शैली, उपयोग की गयी निर्माण सामग्री गुम्बद से बिल्कुल अलग है जो कई प्रश्नचिह्न खड़े करती है।

मंगल महादेव मन्दिर

एयरोसिटी के बाद एक्ज़िट 2 से मैने हाइवे छोड़ कर कार सर्विस रोड पर उतार दी जो शिवाजी मार्ग कहलाती है। हाइवे के साथ – साथ मुश्किल से आधा मिनट की ड्राइव के बाद ही एवेन्यू बोगेनवेलिया तथा “मंगल महादेव मंदिर” मेरे बाईं ओर मौजूद थे। जी हां, पास जाकर जब मंदिर के बाहर लगा हुआ बोर्ड पढ़ा तो उस पर मंदिर का सही नाम – मंगल महादेव मंदिर, रंगपुरी, दिल्ली लिखा हुआ नज़र आया।

राष्ट्रीय विज्ञान केन्द्र – ज्ञान और मनोरंजन साथ साथ !
राष्ट्रीय विज्ञान केन्द्र – ज्ञान और मनोरंजन साथ साथ !

राष्ट्रीय विज्ञान केन्द्र – ज्ञान और मनोरंजन साथ साथ !

आज मैं आपको नई दिल्ली का एक ऐसा अद्‍भुत म्यूज़ियम दिखाने जा रहा हूं जिसमें से बच्चे वापिस आना ही नहीं चाहते। बस, थोड़ी सी देर और! बस, ये और देखना है !! यही कहते रहते हैं। वैसे ये प्रत्येक आयु वर्ग के व्यक्तियों के लिये है। अगर आपकी विज्ञान में कोई खास रुचि नहीं है, तो भी आप यहां आकर बहुत प्रसन्न होंगे। यह स्थान है – राष्ट्रीय विज्ञान केन्द्र, नई दिल्ली !

हमारी हैदराबाद यात्रा का दूसरा दिन – चारमीनार की सैर

इस श्रंखला की सारी कड़ियां इस प्रकार हैं – हमारी हैदराबाद – महाराष्ट्र तीर्थ यात्रा – पहला दिन श्री शैलम में मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के दर्शन हमारी हैदराबाद – महाराष्ट्र यात्रा – चारमीनार की सैर हमारी हैदराबाद यात्रा – सालारजंग म्यूज़ियम…

हमारी हैदराबाद – महाराष्ट्र तीर्थयात्रा – पहला दिन
हमारी हैदराबाद – महाराष्ट्र  तीर्थयात्रा – पहला दिन

हमारी हैदराबाद – महाराष्ट्र तीर्थयात्रा – पहला दिन

जनवरी 2020 में हम 9 लोग नई दिल्ली से हैदराबाद हवाई यात्रा करके सड़क मार्ग से 210 किमी दूर मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग दर्शन हेतु पहुंचे।

जैन मंदिर दादाबाड़ी महरौली – एक मनमोहक तीर्थस्थल
जैन मंदिर दादाबाड़ी महरौली – एक मनमोहक तीर्थस्थल

जैन मंदिर दादाबाड़ी महरौली – एक मनमोहक तीर्थस्थल

दोस्तों !  5 जनवरी 2020 मेरे लिये एक यादगार दिन सिद्ध हुआ।  इस दिन मुझे महरौली यानि के दिल्ली के सबसे पुराने नगरों में से एक का अंतरंग परिचय प्राप्त हुआ।   इससे पहले मैं महरौली को सिर्फ कुतुब मीनार की…

फोटो वॉक दिल्ली – २ : लोदी गार्डन (Delhi Photo Walk – 2 : Lodhi Gardens)

हमारी पहली फ़ोटो वॉक के बारे में मैं आपको विस्तार से बता चुका हूं जो दि. 13 अक्तूबर 2019 को भूली भटियारी महल (सेंट्रल रिज, निकट करोल बाग) (Bhuli Bhatiyari Mahal (Central Ridge, Nr. Karol Bagh, New Delhi) में सम्पन्न…

भूली भटियारी महल – आत्मा कहीं नहीं मिली !
भूली भटियारी महल – आत्मा कहीं नहीं मिली !

भूली भटियारी महल – आत्मा कहीं नहीं मिली !

भूली भटियारी भले ही करोल बाग दिल्ली के निकट भुतहा महल माना जाता हो, पर हमें वहां ढूढने पर भी भूली भटियारी की आत्मा नहीं दिखाई दी।

इधर नैनी झील – उधर चांदनी चौक !
इधर नैनी झील – उधर चांदनी चौक !

इधर नैनी झील – उधर चांदनी चौक !

यात्रा सहारनपुर से नैनीताल की  काठगोदाम से भीमताल होते हुए नैनीताल नैनीताल – एक अलसाई हुई सुबह  नैनी झील में बोटिंग  चांदनी चौक रेस्टोरेंट – माल रोड नैनीताल की नैनी झील में आधा घंटा बोटिंग करने के बाद जब मैं…

घुमक्कड़ों का कुंभ – ’ओरछा मिलन’
घुमक्कड़ों का कुंभ – ’ओरछा मिलन’

घुमक्कड़ों का कुंभ – ’ओरछा मिलन’

प्राचीन किलों और मंदिरों का ऐतिहासिक नगर ओरछा बेतवा नदी के तट पर टीकमगढ़ जिले में है यानि मध्य प्रदेश में है किन्तु झांसी से मात्र 16 किमी दूर है। यह राजा राम की नगरी है और वही यहां के शासक हैं।