India Travel Tales

Maharashtra

गोदावरी तट नाशिक : पंचवटी धाम
गोदावरी तट नाशिक : पंचवटी धाम

गोदावरी तट नाशिक : पंचवटी धाम

भगवान राम, सीता और लक्ष्मण ने वनवास का अधिकतम समय गोदावरी के तट पर पांच वटवृक्षों की छाया तले पर्णकुटी बना कर व्यतीत किया था।

हमारी महाराष्ट्र यात्रा – त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, नाशिक
हमारी महाराष्ट्र यात्रा – त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, नाशिक

हमारी महाराष्ट्र यात्रा – त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, नाशिक

नासिक शहर से 30 किमी दूर त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग का माहात्म्य सर्वविदित है। गोदावरी तट पर बसे नाशिक में प्रत्येक 12 वर्ष में कुंभ का आयोजन होता है।

हमारी महाराष्ट्र यात्रा – शिरडी में साईं धाम के दर्शन
हमारी महाराष्ट्र यात्रा – शिरडी में साईं धाम के दर्शन

हमारी महाराष्ट्र यात्रा – शिरडी में साईं धाम के दर्शन

जिस साईं बाबा के द्वार चौबीसों घंटे खुले रहे, आज उनकी समाधि देखने हेतु 200/- का टिकट है। जो जीवन भर चिथड़े धारण किये रहे, आज उनकी स्वर्णजटित मूर्ति मंदिर में प्रतिष्ठित है।

हमारी महाराष्ट्र यात्रा – शनि शिंगणापुर
हमारी महाराष्ट्र यात्रा – शनि शिंगणापुर

हमारी महाराष्ट्र यात्रा – शनि शिंगणापुर

शनि शिंगणापुर में घरों में, बैंक में डाकखाने में, दुकानों पर दरवाज़े नहीं होते, चोरी का कोई डर नहीं है। बैंक भी रात भर खुला रहता है। अपराधियों को शनि देव के प्रकोप का भय उनको अपराध करने नहीं देता है।

औरंगाबाद : पनचक्की तथा एलोरा गुफ़ाएं
औरंगाबाद : पनचक्की तथा एलोरा गुफ़ाएं

औरंगाबाद : पनचक्की तथा एलोरा गुफ़ाएं

एलोरा गुफ़ाएं जिस काल खंड में बनाई गयीं देश में हिन्दू शासक राज्य करते थे और उनको अन्य मतावलंबियों द्वारा अपने मठ और मंदिर बनाने में कहीं कोई आपत्ति नहीं थी। यहां जैन, शैव, वैश्णव व बौद्ध – कुल 100 गुफ़ाएं हैं।

हमारी महाराष्ट्र यात्रा का पहला दिन – औरंगाबाद में ज्योतिर्लिंग दर्शन
हमारी महाराष्ट्र यात्रा का पहला दिन – औरंगाबाद में ज्योतिर्लिंग दर्शन

हमारी महाराष्ट्र यात्रा का पहला दिन – औरंगाबाद में ज्योतिर्लिंग दर्शन

52 दरवाज़ों के इस शहर में आने का हमारा मुख्य ध्येय घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग Ghrishneshwar Jyotirlingam के दर्शन करना है। पर जब औरंगाबाद आये हैं तो एलोरा की गुफ़ाएं व यहां के अन्य आकर्षण देखे बिना भला कैसे जा सकते हैं!