India Travel Tales

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हौजखास परिसर दिल्ली
हौजखास परिसर दिल्ली

हौजखास परिसर दिल्ली

हौजखास परिसर में खड़े हुए मंडपों का क्या उपयोग रहा होगा, इसका सिर्फ़ अनुमान लगाया जाता है। जिन खंभों के सहारे गुम्बद टिकाई गयी है, उनकी निर्माण शैली, उपयोग की गयी निर्माण सामग्री गुम्बद से बिल्कुल अलग है जो कई प्रश्नचिह्न खड़े करती है।

फोटो स्कूल : शटर और एपरचर
फोटो स्कूल : शटर और एपरचर

फोटो स्कूल : शटर और एपरचर

लाइट अगर बहुत कम हो तो आंखें फाड़ – फाड़ कर देखने के बावजूद हम अंधेरा अनुभव करते हैं, ठीक से नहीं देख पाते! दूसरी ओर अगर प्रकाश बहुत अधिक तीव्र हो तो आंखें सिकोड़ कर मिचमिचाते रहते हैं। हमारी आंखों को यदि आदर्श मात्रा में प्रकाश मिले, तभी वह सुखी और प्रसन्न रहती हैं। ठीक यही स्थिति कैमरे के साथ भी है।

मंगल महादेव मन्दिर

एयरोसिटी के बाद एक्ज़िट 2 से मैने हाइवे छोड़ कर कार सर्विस रोड पर उतार दी जो शिवाजी मार्ग कहलाती है। हाइवे के साथ – साथ मुश्किल से आधा मिनट की ड्राइव के बाद ही एवेन्यू बोगेनवेलिया तथा “मंगल महादेव मंदिर” मेरे बाईं ओर मौजूद थे। जी हां, पास जाकर जब मंदिर के बाहर लगा हुआ बोर्ड पढ़ा तो उस पर मंदिर का सही नाम – मंगल महादेव मंदिर, रंगपुरी, दिल्ली लिखा हुआ नज़र आया।

हमारी महाराष्ट्र यात्रा – त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, नाशिक
हमारी महाराष्ट्र यात्रा – त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, नाशिक

हमारी महाराष्ट्र यात्रा – त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, नाशिक

नासिक शहर से 30 किमी दूर त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग का माहात्म्य सर्वविदित है। गोदावरी तट पर बसे नाशिक में प्रत्येक 12 वर्ष में कुंभ का आयोजन होता है।

हमारी काश्मीर यात्रा – पहलगाम
हमारी काश्मीर यात्रा – पहलगाम

हमारी काश्मीर यात्रा – पहलगाम

गुलमर्ग की ही भांति पहलगाम भी श्रीनगर की तुलना में काफी ऊंचाई पर स्थित एक छोटा सा हिल स्टेशन है। यदि आप अमरनाथ यात्रा पर गये हैं तो आपको ज्ञात ही होगा कि अमरनाथ गुफ़ा तक पहुंचने के दो रास्ते हैं – एक वाया पहलगाम और चन्दनबाड़ी और दूसरा – वाया सोनमर्ग और बालटाल !

जम्मू श्रीनगर हाइवे पर ऐतिहासिक यात्रा!!

मितरों ! पिछली कड़ी में आपने पढ़ा कि कैसे बैठे बिठाये हमारा और हमारे एक मित्र परिवार का अचानक ही काश्मीर घूमने का कार्यक्रम बन गया। हम सहारनपुर से train no. 14645 शालिमार एक्सप्रेस से चल कर सुबह जम्मू तक…

हमारी महाराष्ट्र यात्रा – शिरडी में साईं धाम के दर्शन
हमारी महाराष्ट्र यात्रा – शिरडी में साईं धाम के दर्शन

हमारी महाराष्ट्र यात्रा – शिरडी में साईं धाम के दर्शन

जिस साईं बाबा के द्वार चौबीसों घंटे खुले रहे, आज उनकी समाधि देखने हेतु 200/- का टिकट है। जो जीवन भर चिथड़े धारण किये रहे, आज उनकी स्वर्णजटित मूर्ति मंदिर में प्रतिष्ठित है।

हमारी महाराष्ट्र यात्रा – शनि शिंगणापुर
हमारी महाराष्ट्र यात्रा – शनि शिंगणापुर

हमारी महाराष्ट्र यात्रा – शनि शिंगणापुर

शनि शिंगणापुर में घरों में, बैंक में डाकखाने में, दुकानों पर दरवाज़े नहीं होते, चोरी का कोई डर नहीं है। बैंक भी रात भर खुला रहता है। अपराधियों को शनि देव के प्रकोप का भय उनको अपराध करने नहीं देता है।

रामोजी फिल्म सिटी – एक अविस्मरणीय अनुभव
रामोजी फिल्म सिटी – एक अविस्मरणीय अनुभव

रामोजी फिल्म सिटी – एक अविस्मरणीय अनुभव

यदि आप रात को रामोजी फिल्म सिटी (Ramoji Film City) में अपने लिये उपयुक्त बजट के होटल में रुके हैं तो शूटिंग देखने व फिल्म कलाकारों से मिलने की भी बहुत संभावना है।

रामोजी फिल्म सिटी टूर – चित्रावली
रामोजी फिल्म सिटी टूर – चित्रावली

रामोजी फिल्म सिटी टूर – चित्रावली

यहां से बाहर निकलते ही रेलवे स्टेशन के दर्शन हुए ! सुना है कि ’जा सिमरन, जा ! जी ले तू भी अपनी ज़िन्दगी ’ दृश्य ( दिल वाले दुल्हनियां ले जायेंगे) का क्लाइमेक्स सीन इसी प्लेटफ़ार्म पर फ़िल्माया गया था।