India Travel Tales

Train Journey

जयपुर भ्रमण: हवा महल
जयपुर भ्रमण: हवा महल

जयपुर भ्रमण: हवा महल

सिटी पैलेस और हवामहल एक भूमिगत मार्ग से जुड़े हुए हैं जो सिटी पैलेस में रहने वाली रानियों के उपयोग में आता था। हवा महल का प्रवेश द्वार भी सिटी पैलेस के अन्तःपुर की ओर से ही है। सच कहें तो हम सड़क से हवा महल का जो दृश्य देखते हैं वह हवा महल का पृष्ठ भाग है।

हमारी काश्मीर यात्रा – पहलगाम
हमारी काश्मीर यात्रा – पहलगाम

हमारी काश्मीर यात्रा – पहलगाम

गुलमर्ग की ही भांति पहलगाम भी श्रीनगर की तुलना में काफी ऊंचाई पर स्थित एक छोटा सा हिल स्टेशन है। यदि आप अमरनाथ यात्रा पर गये हैं तो आपको ज्ञात ही होगा कि अमरनाथ गुफ़ा तक पहुंचने के दो रास्ते हैं – एक वाया पहलगाम और चन्दनबाड़ी और दूसरा – वाया सोनमर्ग और बालटाल !

काश्मीर घूमने चलें?
काश्मीर घूमने चलें?

काश्मीर घूमने चलें?

कोच नं० S-6 में प्रवेश कर के, मेरी पत्नी ने पूछा कि कौन – कौन सी बर्थ हैं तो पंकज का जवाब आया – “20 – 21” | मैने पूछा “और बाकी दो?” पंकज ने रहस्यवाद के कवि की सी भाव भंगिमा दोनों महिलाओं की ओर डाली और मेरे कान के पास आकर धीरे से बोला, “अभी दो ही कन्फर्म हुई हैं, बाकी दो यहीं गाड़ी में ले लेंगे।“

रामोजी फिल्म सिटी – एक अविस्मरणीय अनुभव
रामोजी फिल्म सिटी – एक अविस्मरणीय अनुभव

रामोजी फिल्म सिटी – एक अविस्मरणीय अनुभव

यदि आप रात को रामोजी फिल्म सिटी (Ramoji Film City) में अपने लिये उपयुक्त बजट के होटल में रुके हैं तो शूटिंग देखने व फिल्म कलाकारों से मिलने की भी बहुत संभावना है।

घुमक्कड़ी हमें बेहतर इंसान बनाती है!

ताज की नगरी आगरा के निवासी रितेश गुप्ता एक बेहतरीन घुमक्कड़ तो हैं ही, एक बहुत सुलझे हुए, मृदुभाषी और  सहयोगपूर्ण इंसान भी हैं जो  वर्ष 2015 से  ’घुमक्कड़ी दिल से’ नामक फेसबुक ग्रुप को पूर्णतः समर्पित हैं।  हमने उनसे…

यात्रा सहारनपुर से नैनीताल की
यात्रा सहारनपुर से नैनीताल की

यात्रा सहारनपुर से नैनीताल की

काठगोदाम रेल टर्मिनस है जहां से नैनीताल हेतु दो मार्ग हैं – सीधे नैनीताल या फिर वाया भीमताल – भुवाली – नैनीताल। काठगोदाम से नैनीताल की दूरी 35 किमी है। यात्रा बहुत सुहावनी होती है।

घुमक्कड़ों का कुम्भ – ओरछा में पहला दिन
घुमक्कड़ों का कुम्भ – ओरछा में पहला दिन

घुमक्कड़ों का कुम्भ – ओरछा में पहला दिन

घुमक्कड़ों के ओरछा में महामिलन का आयोजन झांसी रेलवे स्टेशन से आरंभ हो गया और हम चतुर्भुज मंदिर, राजा राम मंदिर, जहांगीर महल, बेतवा दर्शन, अभयारण्य आदि घूमते फिरते रहे और बतियाते रहे।

घुमक्कड़ों का कुंभ – ’ओरछा मिलन’
घुमक्कड़ों का कुंभ – ’ओरछा मिलन’

घुमक्कड़ों का कुंभ – ’ओरछा मिलन’

प्राचीन किलों और मंदिरों का ऐतिहासिक नगर ओरछा बेतवा नदी के तट पर टीकमगढ़ जिले में है यानि मध्य प्रदेश में है किन्तु झांसी से मात्र 16 किमी दूर है। यह राजा राम की नगरी है और वही यहां के शासक हैं।

चांद बावड़ी – राजस्थान के दर्शनीय स्थल (Chandbaori Jaipur)
चांद बावड़ी – राजस्थान के दर्शनीय स्थल (Chandbaori Jaipur)

चांद बावड़ी – राजस्थान के दर्शनीय स्थल (Chandbaori Jaipur)

चांद बावड़ी राजस्थान में जयपुर से 90 किमी दूर जयपुर अलवर मार्ग पर दौसा जिले के आभानेरी गांव में हर्षद माता मंदिर के बगल में मौजूद अतुल्य भारत का एक अद्‌भुत पर्यटन स्थल है। जहां देश – विदेश के पर्यटक खिंचे चले आते हैं।

जयपुर दर्शन – तीन दिवसीय यात्रा
जयपुर दर्शन – तीन दिवसीय यात्रा

जयपुर दर्शन – तीन दिवसीय यात्रा

फोटोग्राफी और लेखन के शौकीन हम दो दीवानों ने तीन दिन में जयपुर देखने का प्लान बनाया तो उसमें सभी किले, म्यूज़ियम और ऐसे अन्य दर्शनीय स्थलों को शामिल किया जिनके बारे में आम भारतीय पर्यटकों को पता ही नहीं।