India Travel Tales

Monuments

हौजखास परिसर दिल्ली
हौजखास परिसर दिल्ली

हौजखास परिसर दिल्ली

हौजखास परिसर में खड़े हुए मंडपों का क्या उपयोग रहा होगा, इसका सिर्फ़ अनुमान लगाया जाता है। जिन खंभों के सहारे गुम्बद टिकाई गयी है, उनकी निर्माण शैली, उपयोग की गयी निर्माण सामग्री गुम्बद से बिल्कुल अलग है जो कई प्रश्नचिह्न खड़े करती है।

जयपुर भ्रमण: हवा महल
जयपुर भ्रमण: हवा महल

जयपुर भ्रमण: हवा महल

सिटी पैलेस और हवामहल एक भूमिगत मार्ग से जुड़े हुए हैं जो सिटी पैलेस में रहने वाली रानियों के उपयोग में आता था। हवा महल का प्रवेश द्वार भी सिटी पैलेस के अन्तःपुर की ओर से ही है। सच कहें तो हम सड़क से हवा महल का जो दृश्य देखते हैं वह हवा महल का पृष्ठ भाग है।

काश्मीर यात्रा – श्रीनगर के बाग, महल और मंदिर के दर्शन
काश्मीर यात्रा – श्रीनगर के बाग, महल और मंदिर के दर्शन

काश्मीर यात्रा – श्रीनगर के बाग, महल और मंदिर के दर्शन

इस ज़बरवान पर्वत का जो ढलान डल झील की ओर है, उस पर तीन खूबसूरत बाग – चश्माशाही, निशात बाग और शालीमार बाग – बने हुए हैं जो शाहजहां के समकालीन हैं। इनके अलावा वर्ष 2007 में इंदिरागांधी मैमोरियल ट्यूलिप गार्डन भी विकसित किया गया है जो एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन बताया जाता है।

औरंगाबाद : पनचक्की तथा एलोरा गुफ़ाएं
औरंगाबाद : पनचक्की तथा एलोरा गुफ़ाएं

औरंगाबाद : पनचक्की तथा एलोरा गुफ़ाएं

एलोरा गुफ़ाएं जिस काल खंड में बनाई गयीं देश में हिन्दू शासक राज्य करते थे और उनको अन्य मतावलंबियों द्वारा अपने मठ और मंदिर बनाने में कहीं कोई आपत्ति नहीं थी। यहां जैन, शैव, वैश्णव व बौद्ध – कुल 100 गुफ़ाएं हैं।

हमारी महाराष्ट्र यात्रा का पहला दिन – औरंगाबाद में ज्योतिर्लिंग दर्शन
हमारी महाराष्ट्र यात्रा का पहला दिन – औरंगाबाद में ज्योतिर्लिंग दर्शन

हमारी महाराष्ट्र यात्रा का पहला दिन – औरंगाबाद में ज्योतिर्लिंग दर्शन

52 दरवाज़ों के इस शहर में आने का हमारा मुख्य ध्येय घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग Ghrishneshwar Jyotirlingam के दर्शन करना है। पर जब औरंगाबाद आये हैं तो एलोरा की गुफ़ाएं व यहां के अन्य आकर्षण देखे बिना भला कैसे जा सकते हैं!

हमारी हैदराबाद यात्रा – स्थानीय भ्रमण
हमारी हैदराबाद यात्रा – स्थानीय भ्रमण

हमारी हैदराबाद यात्रा – स्थानीय भ्रमण

क्या आपने कभी नर्क के दर्शन किये हैं? यदि नहीं और दर्शन करने की इच्छा हो तो बिड़ला मंदिर परिसर की पार्किंग के ऊपर बने हुए डायनासोर म्यूज़ियम के पब्लिक टॉयलेट में हो आइये। टॉयलेट सीट में मल तैरता हुआ मिलेगा, पानी की टोंटी खोलेंगे तो उसमें से पानी नहीं निकलेगा, सीट में या दीवार पर वाटर जैट भी लगा हुआ नहीं होगा और न ही आसपास कहीं साबुन दिखाई देगा। यदि आपकी जेब में कुछ कागज़ / टिशु पेपर वगैरा निकल आयें तो बस, उनसे अपना शरीर साफ़ करने का असफ़ल प्रयास करके, बिना हाथ धोये, आप शर्मिन्दगी से भरे हुए बाहर निकल आइये।

हमारी हैदराबाद यात्रा का दूसरा दिन – सालारजंग म्यूज़ियम
हमारी हैदराबाद यात्रा का दूसरा दिन – सालारजंग म्यूज़ियम

हमारी हैदराबाद यात्रा का दूसरा दिन – सालारजंग म्यूज़ियम

जिन कलाकृतियों ने मुझे दीवाना बना दिया था वह या तो हाथीदांत की कलाकृतियां थीं या फिर आदमकद मूर्तियां थीं। न जाने अब उन जैसे कलाकार इस धरती पर मौजूद हैं या नहीं जो सिर्फ कलाकृति ही नहीं बनाते, बल्कि अपना दिल ही उड़ेल कर रख देते हैं।

हमारी हैदराबाद यात्रा का दूसरा दिन – चारमीनार की सैर

इस श्रंखला की सारी कड़ियां इस प्रकार हैं – हमारी हैदराबाद – महाराष्ट्र तीर्थ यात्रा – पहला दिन श्री शैलम में मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के दर्शन हमारी हैदराबाद – महाराष्ट्र यात्रा – चारमीनार की सैर हमारी हैदराबाद यात्रा – सालारजंग म्यूज़ियम…

हमारी हैदराबाद – महाराष्ट्र यात्रा – मल्लिकार्जुन दर्शन
हमारी हैदराबाद – महाराष्ट्र यात्रा – मल्लिकार्जुन दर्शन

हमारी हैदराबाद – महाराष्ट्र यात्रा – मल्लिकार्जुन दर्शन

हैदराबाद से आंध्रप्रदेश श्री शैलम मल्लिकार्जुन भ्रमरम्बा शक्तिपीठ की हमारी जनवरी 2020 की 9 दिवसीय पारिवारिक तीर्थयात्रा अविस्मरणीय रही है।

हमारी हैदराबाद – महाराष्ट्र तीर्थयात्रा – पहला दिन
हमारी हैदराबाद – महाराष्ट्र  तीर्थयात्रा – पहला दिन

हमारी हैदराबाद – महाराष्ट्र तीर्थयात्रा – पहला दिन

जनवरी 2020 में हम 9 लोग नई दिल्ली से हैदराबाद हवाई यात्रा करके सड़क मार्ग से 210 किमी दूर मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग दर्शन हेतु पहुंचे।